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मासिक पत्रिका, July 2026 · सामाजिक मुद्दे › ऑनलाइन सुरक्षा
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बच्चों के सोशल मीडिया पर प्रतिबंध: 16 वर्ष से कम आयु का प्रस्ताव
मुख्य लेखप्रारंभिक और मुख्य19 Jul 2026
चर्चा में क्यों
- 19 जुलाई 2026 को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव ने कहा कि केंद्र सोशल मीडिया पर बच्चों के लिए सुरक्षा उपायों पर हितधारकों से परामर्श कर रहा है, जिसमें 16 वर्ष से कम आयु के उपयोगकर्ताओं की पहुँच सीमित करने का प्रस्ताव भी शामिल है, और यह कि भारत अपना दृष्टिकोण चुनने से पहले अध्ययन कर रहा है कि अन्य देशों ने क्या किया है।
- यह वक्तव्य प्रधानमंत्री की ऑस्ट्रेलिया में की गई इस टिप्पणी के बाद आया कि वहाँ का 16 वर्ष से कम आयु का प्रतिबंध “दुनिया को प्रेरित कर रहा है” और भारत उससे “बहुत कुछ सीख रहा है”।
- अभी कुछ तय नहीं हुआ है, पर यह प्रश्न एक गैर सरकारी सदस्य के विधेयक (private member's Bill) और राज्यों के दो कार्य बलों से आगे बढ़कर उस मंत्रालय तक पहुँच गया है जिसे नियम लिखना होगा।
पृष्ठभूमि
- यह पहल फरवरी 2026 में शुरू हुई, जब सरकार के सहयोगी दल के एक सांसद ने 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों को सोशल मीडिया खाते रखने से रोकने के लिए एक गैर सरकारी सदस्य के विधेयक की घोषणा की, जिसमें प्लेटफ़ॉर्मों पर ₹250 करोड़ या वैश्विक राजस्व के पाँच प्रतिशत तक के दंड का प्रावधान था; महाराष्ट्र ने बच्चों को सोशल मीडिया से होने वाली हानियों पर एक कार्य बल बनाया और आंध्र प्रदेश ने कहा कि वह ऑस्ट्रेलियाई कानून का अध्ययन कर रहा है। Economic Survey ने आयु आधारित प्रतिबंधों को चर्चा के एक प्रश्न के रूप में उठाया था।
- ऑस्ट्रेलिया का Online Safety Amendment (Social Media Minimum Age) Act, जो 29 नवंबर 2024 को पारित हुआ, वह मॉडल है जिसका हर कोई हवाला देता है: यह दिसंबर 2025 में लागू हुआ, किसी लोकतंत्र में ऐसा पहला कानून, और 2026 के मध्य तक रिपोर्टों के अनुसार प्लेटफ़ॉर्मों ने 50 लाख से अधिक खाते निष्क्रिय या प्रतिबंधित किए थे।
- भारत में पहले से एक नियम मौजूद है। डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 (Digital Personal Data Protection Act, 2023) 18 वर्ष से कम आयु के हर व्यक्ति को बच्चा मानता है और प्लेटफ़ॉर्म से अपेक्षा करता है कि वह किसी बच्चे के डेटा का प्रसंस्करण करने से पहले माता पिता की सत्यापन योग्य सहमति (verifiable consent) प्राप्त करे, तथा बच्चों पर लक्षित ट्रैकिंग, व्यवहार संबंधी निगरानी और लक्षित विज्ञापन पर रोक लगाता है। नवंबर 2025 के नियम बताते हैं कि माता पिता का सत्यापन कैसे होगा: प्लेटफ़ॉर्म के पास पहले से मौजूद पहचान और आयु विवरण, माता पिता द्वारा दिए गए विवरण, या किसी डिजिटल लॉकर (Digital Locker) प्रदाता के टोकन के माध्यम से; और प्लेटफ़ॉर्मों को अनुपालन के लिए अठारह महीने देते हैं।
ऑस्ट्रेलियाई कानून क्या करता है
- प्लेटफ़ॉर्मों को 16 वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति को खाता रखने से रोकने के लिए उचित कदम उठाने होंगे; दायित्व प्लेटफ़ॉर्म पर है, और न बच्चा अपराध करता है, न माता पिता।
- यह Facebook, Instagram, TikTok, Snapchat, X और YouTube पर लागू होता है; मैसेजिंग, ऑनलाइन गेमिंग, और शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाएँ इसके बाहर हैं।
- प्रणालीगत उल्लंघनों पर 4.95 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर तक का जुर्माना है; जून 2026 में सरकार ने इसे दोगुना करके 9.9 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर करने की पहल की।
- आयु जाँच के लिए एकत्र डेटा को अलग रखना होगा और उपयोग के बाद नष्ट करना होगा, और कोई प्लेटफ़ॉर्म प्रमाण के एकमात्र साधन के रूप में सरकारी पहचान या Digital ID की माँग नहीं कर सकता।
| Australia: the account ban | India today: the data law | India proposed | |
|---|---|---|---|
| Law | Online Safety Amendment (Social Media Minimum Age) Act, 2024; in force December 2025 | Digital Personal Data Protection Act, 2023; Rules of November 2025 | A statement of 19 July 2026; a private member's Bill of February 2026 |
| Age | Under 16 may not hold an account | A child is anyone under 18 | 16 proposed |
| Duty | On the platform: reasonable steps; no offence by child or parent | Verifiable parental consent before a child's data is processed; no tracking or targeted advertising at children | Not decided |
| Reach | Facebook, Instagram, TikTok, Snapchat, X, YouTube; not messaging, gaming, education or health | Every data fiduciary; schools, health providers and crèches exempt for defined purposes | Not decided |
| Penalty | Up to A$49.5 million, to be doubled | The Act's penalties, up to ₹250 crore a breach | The Bill proposed ₹250 crore or five per cent of global revenue |
| Method | Age assurance; no government identity as the only route; data destroyed after the check | Parent verified through details held, details given, or a Digital Locker token; eighteen months to comply | Could reuse the data law's verification |
भारत को क्या तय करना होगा
- आयु: ऑस्ट्रेलिया की 16, या डेटा कानून की 18, जो पहले से वह आयु है जिससे कम के लिए प्लेटफ़ॉर्म के पास माता पिता की सहमति होनी चाहिए।
- दायित्व: ऑस्ट्रेलिया की तरह खातों पर प्रतिबंध, या प्लेटफ़ॉर्मों पर बच्चों को ध्यान में रखकर डिज़ाइन करने का देखभाल का कर्तव्य (duty of care), जिसे यूरोपीय संघ का डिजिटल सेवा अधिनियम (Digital Services Act) और यूनाइटेड किंगडम का Online Safety Act पसंद करते हैं।
- विधि: डेटा कानून के माता पिता के सत्यापन को आयु द्वार (age gating) के लिए फिर से उपयोग किया जा सकता है, पर यह तभी काम करता है जब प्लेटफ़ॉर्म इसे बनाएँ, और अठारह महीने की समय सीमा 2027 तक चलती है।
- अपवाद: मैसेजिंग, गेमिंग और शिक्षा, जहाँ भारतीय बच्चे उतना ही समय बिताते हैं जितना सोशल मीडिया पर, और जहाँ ऑस्ट्रेलियाई कानून नहीं पहुँचता।
- प्रवर्तन: इसे नया कानून, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (Information Technology Act) या दिशानिर्देश लागू करेंगे, और कौन सा नियामक इसकी निगरानी करेगा; अगस्त में मंत्रालय के परामर्श ने ठीक यही प्रश्न उठाए।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
- पैमाना ऑस्ट्रेलिया से भिन्न है: Instagram और Facebook में से प्रत्येक के 40 करोड़ से अधिक भारतीय उपयोगकर्ता हैं, और उनमें से अधिकांश स्वयं घोषित जन्म तिथि पर जुड़े जिसे किसी ने नहीं जाँचा।
- जिन हानियों का उत्तर यह प्रस्ताव देता है, यानी लत, शोषण, धमकाना और यौन शोषण सामग्री, वे भारत में भी अन्य स्थानों की तरह दर्ज हैं, और 3 जुलाई 2026 को National Commission for Protection of Child Rights ने बाल यौन शोषण से जुड़े सशुल्क विज्ञापनों पर Meta को नोटिस जारी किया।
- इसके विरुद्ध, खातों पर प्रतिबंध बच्चों को कम स्क्रीन की ओर नहीं, बल्कि कम मॉडरेशन वाले स्थानों की ओर ले जाता है; इसे ऐसी आयु जाँच के बिना लागू नहीं किया जा सकता जो हर वयस्क उपयोगकर्ता तक पहुँचे; और जिस बच्चे को हेल्पलाइन या कक्षा समूह चाहिए, उसे भी प्लेटफ़ॉर्म की आवश्यकता है।
विश्लेषण
- गंभीरता का संकेत, निर्णय नहीं। सचिव का वक्तव्य एक परामर्श आरंभ करता है; उपयोगी काम यह देखना है कि निर्णय में क्या क्या शामिल होगा।
- भारत के पास पहले से एक आयु द्वार है, जो बना नहीं है। डेटा कानून किसी प्लेटफ़ॉर्म को सत्यापित माता पिता के बिना बच्चे के डेटा का प्रसंस्करण करने से रोकता है, जो सार रूप में उस हर व्यक्ति के लिए 18 वर्ष पर एक द्वार है जिसे प्लेटफ़ॉर्म बच्चा जानता है; कमी यह है कि प्लेटफ़ॉर्म अभी जानते नहीं, क्योंकि सत्यापन के नियम अभी लागू नहीं हुए हैं।
- ऑस्ट्रेलियाई प्रतिबंध ऐसी व्यवस्था पर टिकेगा जो अभी मौजूद नहीं है, इसलिए समझदारी का क्रम यह है कि पहले सत्यापन बनाया जाए।
- ऑस्ट्रेलिया ने प्रतिबंध इसलिए चुना क्योंकि उसके पास बच्चों के डेटा का कानून नहीं था; भारत के पास है, और बेहतर साधन शायद वह देखभाल का कर्तव्य हो जो यूनाइटेड किंगडम प्लेटफ़ॉर्मों पर डालता है, जो उनसे कहता है कि वहाँ मौजूद बच्चों के लिए डिज़ाइन करें, न कि यह दिखावा करें कि वे वहाँ नहीं हैं।
- मुख्य परीक्षा के उत्तर के लिए: आयु सीमा एक साधन है, नीति नहीं; नीतिगत प्रश्न यह है कि दायित्व किसका है, प्लेटफ़ॉर्म का, माता पिता का या राज्य का, और हर भारतीय उपयोगकर्ता को एक दस्तावेज़ बनाए बिना बच्चे को वयस्क से कैसे अलग पहचाना जाए।
आगे की राह
- डेटा नियमों के सत्यापन संबंधी प्रावधान पहले बच्चों के खातों के लिए, अठारह महीने की समय सीमा से पहले, लागू किए जाएँ।
- आयु और दायित्व एक साथ तय किए जाएँ: यदि 16, तो बताया जाए कि 16 और डेटा कानून की 18 के बीच के दो वर्षों का क्या होगा।
- बड़े प्लेटफ़ॉर्मों पर देखभाल का कर्तव्य डाला जाए, जिसमें 18 वर्ष से कम आयु के उपयोगकर्ताओं के खातों के लिए डिज़ाइन से सुरक्षा (safety by design) और ऐसा ऑडिट हो जिसे नियामक पढ़ सके।
- अपवादों का हिसाब रखा जाए: जो नियम गेमिंग और मैसेजिंग को अछूता छोड़ता है, वह अधिकांश हानि को वहीं छोड़ देता है जहाँ वह है।
जानने योग्य योजनाएँ
National Commission for Protection of Child Rights (2007, Commissions for Protection of Child Rights Act, 2005 के अंतर्गत)
- वह वैधानिक निकाय जो ऑनलाइन सुरक्षा सहित बच्चों के अधिकारों की निगरानी करता है, और जिसने अगस्त 2026 में मंत्रालय के साथ सोशल मीडिया आचरण संहिता (code of conduct) का मसौदा बनाना शुरू किया।
डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 और नियम, 2025
- 18 वर्ष से कम आयु का हर व्यक्ति बच्चा है
- माता पिता की सत्यापन योग्य सहमति आवश्यक है
- बच्चों पर लक्षित ट्रैकिंग या लक्षित विज्ञापन नहीं
- नवंबर 2025 में अधिसूचित नियम सहमति संबंधी प्रावधानों के लिए अठारह महीने देते हैं और स्कूलों, स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं तथा क्रेच को परिभाषित प्रयोजनों के लिए छूट देते हैं।
Protection of Children from Sexual Offences Act, 2012
- वह कानून जिसके अंतर्गत ऑनलाइन बाल यौन शोषण सामग्री पर अभियोजन होता है
- प्लेटफ़ॉर्मों पर इसके रिपोर्टिंग दायित्वों का ही सहारा मानवाधिकार और बाल अधिकार आयोगों ने जुलाई और अगस्त 2026 में Meta के विरुद्ध लिया।
परीक्षा दृष्टि
- प्रारंभिक परीक्षा: ऑस्ट्रेलिया का Online Safety Amendment Act, 2024, आयु 16, दिसंबर 2025 से लागू, दायित्व प्लेटफ़ॉर्मों पर, 4.95 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर तक जुर्माना; DPDP (डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण) अधिनियम में बच्चा 18 वर्ष से कम है, माता पिता की सत्यापन योग्य सहमति पर धारा 9; नवंबर 2025 के नियम; 2005 के अधिनियम के अंतर्गत NCPCR।
- मुख्य परीक्षा: “आयु सीमा एक साधन है, नीति नहीं।” ऑस्ट्रेलियाई प्रतिबंध और डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम के संदर्भ में, सोशल मीडिया पर बच्चों की सुरक्षा के लिए भारत के समक्ष उपलब्ध विकल्पों की चर्चा कीजिए।
पहले पूछा गया: मुख्य परीक्षा 2025 GS2 · मुख्य परीक्षा 2024 GS3 · मुख्य परीक्षा 2025 GS4
प्रश्न देखें
- मुख्य परीक्षा 2025 GS2: The National Commission for Protection of Child Rights has to address the challenges faced by children in the digital era. Examine the existing policies and suggest measures the Commission can initiate to tackle the issue.
- मुख्य परीक्षा 2024 GS3: Describe the context and salient features of the Digital Personal Data Protection Act, 2023.
- मुख्य परीक्षा 2025 GS4: In the present digital age, social media has revolutionised our way of communication and interaction. However, it has raised several ethical issues and challenges. Describe the key ethical dilemmas in this regard.
संबंधित लेख
- बच्चों का सोशल मीडिया: मंत्रालय का परामर्श और एक आचरण संहिता (सामाजिक मुद्दे, अगस्त): मंत्रालय ने आगे क्या किया।
- सेफ हार्बर और Meta टेकडाउन (राजव्यवस्था, अगस्त): उन्हीं प्लेटफ़ॉर्मों पर संसदीय समिति का दबाव।
- डिजिटल अरेस्ट और धन का सुराग (आंतरिक सुरक्षा, अगस्त): ऑनलाइन हानि का दूसरा पहलू।
स्रोत
- Telangana Today, 19 July 2026, “Government mulls ban on social media for children under 16”
- ThePrint, 5 February 2026, “India considers curbs on under 16s using social media following Australia's lead”
- Prime Minister of Australia, 29 November 2024, “Social media reforms to protect our kids online pass Parliament”
- Gigazine, 29 June 2026
- DSK Legal, “Legal Update: Digital Personal Data Protection Rules, 2025”
- Inc42, August 2026
- MediaNama, 28 August 2026
स्थापित तथ्य (अधिनियमों की तिथियाँ, संवैधानिक प्रावधान, स्थायी परिभाषाएँ) मानक संदर्भ ग्रंथों से हैं।
अपडेट, 20 Aug 2026: Children's social media: the Ministry's consultation and a code of conduct
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